ANNOUNCEMENTS
- The Jr. KG admissions for the academic year 2026–2027 stand closed. We do not have any vacancies for any of the classes from Sr. KG to Grade IX for the academic year 2026–2027.
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ की वेशà¤à¥‚षा में सà¥à¤¸à¤œà¥à¤œà¤¿à¤¤, हाथों में रंग-बिरंगे बैनर व विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के पà¥à¤°à¤¾à¤‚गण को अपने सà¥à¤µà¤° से गà¥à¤‚जार करते हà¥à¤ ककà¥à¤·à¤¾ पहली से दसवीं तक के छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ ने 14 सितंबर के दिन हिंदी के पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤°- पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° के लिठबहà¥à¤¤ जोश से पूरे विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में à¤à¤• रैली निकाली। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ की पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ रेवती शà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ व अनà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤•ों, करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बैज पहनाकर अपना सहà¤à¤¾à¤—ी बनाया। इसके उपरांत छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ ने विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के मलà¥à¤¹à¤¾à¤° हॉल में सामूहिक रूप से हिंदी दिवस के अवसर पर à¤à¤• विशेष कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का आरंठपà¥à¤°à¤¥à¤® व दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ ककà¥à¤·à¤¾ के विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कालà¥à¤ªà¤¨à¤¿à¤• संसार से हà¥à¤† जहां उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बड़े मजे से हाथी को गिनती सिखाई। इसके बाद तीसरी व चौथी ककà¥à¤·à¤¾ के विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने हिंदी à¤à¤¾à¤·à¤¾ के महतà¥à¤µ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ à¤à¤• लघॠनाटिका पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ की,जिसमें बताया गया कि मधà¥à¤°, मीठी और सब के साथ घà¥à¤²- मिल जाने के कारण हिंदी à¤à¤¾à¤·à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤ मां को अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¿à¤¯ है। à¤à¤¾à¤µ और à¤à¤¾à¤·à¤¾ पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की गहरी पकड़ की सà¤à¥€ ने सराहना की। पहली और तीसरी ककà¥à¤·à¤¾ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने कविताओं का à¤à¥€ ससà¥à¤µà¤° मधà¥à¤° पाठकिया।
जूनियर सेकà¥à¤¶à¤¨ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने रामधारी सिंह दिनकर की पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ कृति रशà¥à¤®à¤¿à¤°à¤¥à¥€ के तृतीय सरà¥à¤— 'कृषà¥à¤£ की चेतावनी' को अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सà¥à¤‚दर ढंग से पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया। कावà¥à¤¯-पाठव अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की à¤à¤¾à¤µ और à¤à¤¾à¤·à¤¾ दोनों के बीच के तालमेल की जितनी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा की जाठवह कम है।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का समापन ककà¥à¤·à¤¾ दसवीं के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• अंतà¥à¤¯à¤¾à¤•à¥à¤·à¤°à¥€ से हà¥à¤†à¥¤ अंतà¥à¤¯à¤¾à¤•à¥à¤·à¤°à¥€ के लिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रजनीगंधा, अमलतास, सदाबहार और हरसिंगार इन चार नाम से अलग-अलग वरà¥à¤—ों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया जिसमें हर वरà¥à¤— में तीन-तीन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ी के रूप में à¤à¤¾à¤— लिया। पहले चकà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने वरà¥à¤£ की आवृतà¥à¤¤à¤¿ के आधार पर दूसरे चकà¥à¤° में à¤à¤¾à¤µ के आधार पर और तीसरे चकà¥à¤° में कवियों के आधार पर दोहे, शà¥à¤²à¥‹à¤• व कविताà¤à¤‚ बोलीं। चारों टीमों के मधà¥à¤¯ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ देखते ही बनती थी। सà¤à¥€ à¤à¤• दूसरे से आगे- निकलने की होड़ में दिखाई दे रहे थे। सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ियों ने पूरे जोश व उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ से इसमें à¤à¤¾à¤— लिया। अंतà¥à¤¯à¤¾à¤•à¥à¤·à¤°à¥€ का संचालन अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• कà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾ के साथ किया गया जिसने शà¥à¤°à¥‚ से आखिरी तक दरà¥à¤¶à¤•ों को बांधकर रखा। जूनियर सेकà¥à¤¶à¤¨ के विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ ने सà¤à¥€ लोगों का आà¤à¤¾à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया।